Friday, 1 September 2017

शब्‍द साहचर्य परीक्षण एवं वाक्‍यपूर्ति परीक्षण

शब्‍द साहचर्य परीक्षण एवं वाक्‍यपूर्ति परीक्षण
(Word Association Test & Sentence Completion Test)
शब्‍द-साहचर्य परीक्षण (Word Association Test)
       इस परीक्षण में कुछ पूर्व-निश्चित उद्दीपन शब्‍दों को एक-एक करके बोल-बोलकर व्‍यक्ति के सामने उपस्थित किया जाता है। व्‍यक्ति को शब्‍द सुनने के बाद उसके मन में जो सबसे पहला शब्‍द आता है, उसे बताना होता है।
  शब्‍द साहचर्य परीक्षण का प्रथम निर्माणकर्त्ता गाल्‍टन को माना जाता है, इन्‍होंने सन् 1879 में शब्‍द साहचर्य परीक्षण का निर्माण किया था। गाल्‍टन ने 75 शब्‍दों की सूची तैयार की थी।
  व्‍यक्तित्‍व मापन के रूप में इस परीक्षण का उपयोग फ्रायड तथा उनके शिष्‍यों, विशेषकर युंग (Jung) द्वारा प्रारंभ किया गया।
   युंग ने 1904 में 100 शब्‍दों की एक मानक सूची तैयार करके, उपर्युक्‍त विधि द्वारा व्‍यक्ति की अनुक्रियाओं का ज्ञान प्राप्‍त किया।
  इसके पश्‍चात् युंग ने उस ज्ञान का विश्‍लेषण करके प्रत्‍येक अनुक्रिया का सांकेतिक अर्थ ज्ञात करके तथा अनुक्रिया करने में लगे समय के आधार पर व्‍यक्ति के सांवेगिक संघर्षों का पता आसानी लगा लिया।
  युंग कि सफलता से प्रभावित होकर अमेरिका में केण्‍ट तथा रोजेनफ ने 1910 में तथा रैपापोर्ट ने 1946 में अन्‍य प्रकार के शब्‍द-साहचर्य परीक्षण का निर्माण किया।
   इन परीक्षणों द्वारा व्‍यक्तित्‍व मापन में मानसिक रोग से प्रभावित व्‍यक्तियों एवं सांवेगिक अस्थिरता वाले व्‍यक्तियों के व्‍यक्तित्‍व मापन में सफलता पूर्वक उपयोग किया।
वाक्‍यपूर्ति परीक्षण (Sentence Completion Test) →
इस परीक्षण में कुछ अधूरे वाक्‍य होते हैं, जिन्‍हें उस व्‍यक्ति को दे दिया जाता है, जिसका व्‍यक्तित्‍व मापन करना होता है। व्‍यक्ति प्रत्‍येक अधूरे वाक्‍य को अपने अनुभवों के आधार पर पूरा करता। सन् 1930 में पाइन व हेटलर नामक मनोवैज्ञानिकों ने ऐसा ही परीक्षण बनाया। सन् 1940 में रोहडे तथा हाइड्रेथ ने भी ऐसा परीक्षण बनाया जिसका प्रयोग व्‍यक्तित्‍व मापन में काफी किया गया है।
  भारत में विश्‍वनाथ मुखर्जी ने भी एक इस तरह के परीक्षण का निर्माण किया।
  वाक्‍यपूर्ति परीक्षण के एकांश
- मैं प्राय: सोचता रहता हूँ कि ....................
- मेरे पति मुझे ................
- जब मैं रोता हूँ, तो .............
  रैपापोर्ट (1968) के अनुसार वाक्‍यपूर्ति परीक्षण दो प्रकार की सूचनाऐं देता है - अन्‍तर्द्वन्‍द्व तथा साहचर्यात्‍मक विकार।
   व्‍यक्ति द्वारा दिये गए उत्तरों का विश्‍लेषण कर व्‍यक्तित्‍व के शीलगुणों की जानकारी प्राप्‍त की जाती है।

qqq

No comments:

Post a Comment

CTET 2019 Answer Key Paper - 2 (Class-VI-VIII) Child Development & Pedagogy

CTET 2019 Answer Key Paper - 2 (Class-VI-VIII) Child Development & Pedagogy  ( बाल विकास एवं शिक्षा शास्‍त्र ) 1. विकास में व...