Monday, 31 July 2017

फ्रायड के अनुसार व्यक्तित्व की संरचना (Freud's structure of personality)

फ्रायड के अनुसार व्‍यक्तित्‍व की संरचना (Freud's structure of personality)

फ्रायड के अनुसार व्यक्तित्व की संरचना
            फ्रायड ने व्यक्तित्व की संरचना के दो पहलू बतायें है।
1. गतिशील पहलू
 2. स्थूल रूपरेखीय पहलू

1. गतिशील पहलू
(i) Id (इदम्)इसे सुखवादी सिद्धान्त कहते है।
            इसकी प्रवृत्ति अचेतन होती है अर्थात् से कोई सीधा सम्बन्ध नहीं है। इसको इच्छाओं की जननी कहते है। इड़ के स्तर पर व्यक्ति इन्द्रिय जनित सुखों की खोज करता है। ईड़ को अतृप्त इच्छाओं का भण्डार भी कहते है। इच्छा पूर्ति के द्वारा व्यक्ति को सुख की प्राप्ति‍ होती है।
1. सभी मनोदैहिक शक्तियों का आधार भूत स्रोत है।
2. काम प्रवृत्ति की मानसिक शक्तियों का भण्डार है।
3. सच्ची मानसिक यर्थातता है।
4. यह मन/मस्तिष्क का असभ्य भाग होता है। जिसमें आन्तरिक प्रवृत्तियों, मूल प्रवृत्तियों, इच्छाऐं निहित होती है। ये सुख-सिद्धान्त द्वारा निर्देशित होती है।
5. इदम हमारे अन्दर का पशु है, असभ्य अनियंत्रित प्रवृत्तियाँ है।
6. यह अच्छे बुरे के बीच काम नहीं कर सकता है।
7. यह नैतिकता या आशतिकता के विचार से होता है क्योंकि कोई सामाजिक मूल्य या सर्तकता नहीं होती है।
8. तर्कहीन होता है। सुख सिद्धान्त द्वारा प्रभावित होता है।
9. इसमें दबी हुई इच्छाऐं भावनाऐं और विचार निहित होते है।
10. काम प्रवृत्ति का झुण्ड (Reservior of Libido) होता है।
11. सभी मूल प्रवृत्ति का केन्द्र होता है। जीवन एवं मृत्यु मूल प्रवृत्ति। असभ्य आदतों के विकसित किये जाने को प्रोत्साहित करता है।

(ii) Ego (अहम्)वास्तविक सिद्धान्त पर आधारित आदर्शवादी सिद्धान्त पर आधारित।
यह व्यक्ति को उचित-अनुचित का ज्ञान करवाता है। अत: इगो को वास्तविकता का सिद्धान्त (चेतन) भी कहते है। परिणाम की अवस्था है।
1. इदम् की अवैध क्रियाओं को नियंत्रित करने के लिए अहम् एक सिपाही के रूप में कार्य करता है। यह निर्णय लेने के लिए बुद्धि से कार्य करता है।
2. इदम् की इच्छाओं और यथार्थता की माँगों के बीच समायोजन होता है। इस मन का मुख्य प्रशासक कहा जाता है।
3.  अहम्चेतन व अचेतन। दोनों होता है। लेकिन यह अधिक तौर पर अचेतन चेतना होता है।
4. इसकी प्रकृति तर्कपूर्ण होती है।
5. अहम् मूल प्रवृत्तियों का दबाव, बाहरी यर्थातता और परा अहम् द्वारा नियंत्रण के बीच मध्यस्थ का कार्य करता है।
6. अहम् वास्तविक सत्य है, चेतन बुद्धि का प्रतीक है।

(iii) Super Ego (परा अहम)आदर्शवादी सिद्धान्त पर आधारित।
            यह मन का वह भाग है, जिसे अन्तरात्मा कहा गया है। यह व्यक्तित्व का सर्वोच्च स्तर है एवं यह व्यक्ति में नैतिकता एवं आदर्श का विकास करता है। इसे आदर्शवादी सिद्धान्त कहते है। यह इद्म की अनुचित अभिव्यक्तियों को नियंत्रित रखने का प्रयास करता है।   फ्रायड़ परा-अहम् को अहम् आदर्श (Ego Ideal) कहते है।
1. परा अहम् सामाजिकता और नैतिकता का प्रतीक है।
2. अहम् पर नियंत्रण रखता है।
3. इदम् पर नियंत्रण रखता है।
4. नैतिक समीक्षक है, जो मध्य में अचेतन दोष की भावना बनाए रखता है।
5. परम् - अहम् व्यक्ति के व्यक्तित्व का नैतिक शास्त्र होता है। यह एक आदर्श स्वत्व और अन्तरात्मका का प्रतिनिधि होता है।

2. स्थूल रूपरेखीय पहलू
(1) चेतन मन 1/10 भाग, मस्तिष्क में जाग्रत अवस्था चेतन मन है।
            मन का वह भाग जो तत्काल जानकारी से सम्बन्धित होता है। यह उन सभी विचारों, भावनाओं और धारणाओं से निर्मित होता है। जिनको बिना अधिक प्रयास किए तत्काल ही स्मरण किया जा सकता है।
(2) अचेतन मन 9/10 भाग, कटु अनुभूतियों, दु:खद बातों, तथा अतृप्त इच्छाओं का भण्डार। (अचेतन के विचार जब चेतन में आते है, तो संघर्ष होता रहता है।)
इसे दमित इच्छाओं और प्रवृत्तियों का भण्डार (गृह) माना गया है।
फ्रायड ने अचेतन मन पर सर्वाधिक बल दिया।
व्यक्ति के कवेल ऊपरी व्यवहार को देखकर किसी व्यक्ति का अध्ययन नहीं कर सकते हैं, क्योंकि अधिकतर दबी इच्छाऐं, विचार, भावनाऐं अचेतन में रहती है और हमारे व्यवहार को निरन्तर प्रभावित करती रहती है।
(3) अर्द्धचेतन मनचेतन और अचेतन के बीच की अवस्था।
याद की हुई बातों को अचानक भुल जाना, अटक जाना, हकलाजाना आदि बातें अर्द्धचेतन मन को प्रदर्शित करती है।
यह मन का वह भाग है, जहाँ तुरन्त स्मृति में लाई जाने योग्य जानकारी स्थित है या व्यक्ति के मन का वह भाग है जहाँ तक तत्काल रूप से व्यक्ति अपनी स्मृति या विचारों को वापिस ला सकता है।
चेतन तथा अचेतन दोनों के बीच की अवस्था है। याद आना फिर भूल जाना, अटक जाना, हकलाना आदि अवचेतन के कारण होता है।
अचेतन के अस्तित्व के कारण
1. स्वप्न अचेतन के अस्तित्व को सिद्ध करते है।
2. अचानक याद आना।
3. सम्मोहन की अवस्था।
4. चेतना शून्य करने के बाद व्यक्त किये गए विचार।
5. गलती से मुँह से निकले शब्द और लिखने में गलतियाँ।
6. निद्रा की अवस्था में समस्याओं का समाधान।
7. स्नायु विकृतियों और मनोविकृतियाँ।
फ्रायड ने दो प्रकार की मूल प्रवृत्ति प्रतिपादित की है
(1) जीवन मूल प्रवृत्ति अथवा यौन प्रेम
जीवन जीने के लिए साधन जुटाने के लिए अभिप्रेरित करती है।
इसका सम्बन्ध ऊर्जा या जीवन से होता है, जिसके कारण व्यक्ति निर्माण रूपी कार्य करता है। काम शक्ति में सभी जीवन मूल प्रवृत्तियों से सम्बन्धित शक्ति शामिल है। इसमें काम वासना, भूख, प्यास शामिल है, जिसके लिए फ्रायड ने यौन-प्रेम 'इरोस' शब्द का प्रयोग किया है।

(2) मृत्यु मूल प्रवृत्ति अथवा मूमूर्षा (थेना टोस)
इसका संबंध विध्वंस एवं विनाश से है। फ्रायड का दावा है कि जीवन का उद्देश्य मृत्यु हैमृत्यु प्राप्त करने की अचेतना भावना ही मृत्यु मूल प्रवृत्ति है। इसके लिए फ्रायड ने 'थेनाटोस' शब्द का प्रयोग किया था।
सिगमन फ्रायड ने स्वमोह की बात की है। स्वमोह को नार्सेजिज्म भी कहा है।
ओडिपस व एलेक्ट्रा ग्रन्थि - ओडिपस ग्रन्थि लड़कों में होने के कारण वे अपनी माँ से अधिक प्रेम करते है तथा लड़कियों में एलेक्ट्रा ग्रन्थि होने के कारण वे अपने पिता से अधिक प्रेम करती है।
लिबिडो (Libedo)(काम शक्तियों को कहते है, जिनसे सुख की प्राप्ति होती है।) प्रेम, स्नेह व काम प्रवृत्ति को सिगमन फ्रायड ने लिबिडो कहा है। यह एक स्वाभाविक  प्रवृत्ति है और यदि इस प्रवृत्ति का दमन करने की कोशिश की जाती है तो व्यक्ति कुसमायोजित हो जाता है।

शैशव कामुकता
सिगमन फ्रायड ने शैशव कामुकता की बात की है।
फ्रायड के अनुसार जन्म से ही काम भावनाओं का विकास हो जाता है, जो कि पाँच अवस्थाओं में होता है।
1. मुख्य चूषण अवस्था0-2 वर्ष
2. मल-मूत्र विसर्जन अवस्था0-4 वर्ष
3. यौनांग अवस्था4-6 वर्ष
4. सुप्त अवस्था611 वर्ष
5. जनन अवस्था—(12) किशोर अवस्था से मृत्यु तक।
शैशव कामुकता की बात पर संग्मण्ड फ्रायड का उसके शिष्य जुंग से मतभेद हो जाता है।

स्वमोह (नार्सिसिज्म)
      फ्रायड शैशव अवस्था में बालक अपने रूप पर मोहित हो जाता है एवं स्वयं से प्रेम करने लगता है। इस आत्म प्रेम की भावना को फ्रायड़ ने नार्सिसिज्म कहा है। यह किशोरावस्था में सबसे अधिक है।
नोट
      1. सिगमन फ्रायड के शिष्य युंग (जुंग) व सिगमन फ्रायड में शैशव कामुकता के बीच मतभेद है। जिससे युंग एक अलग सिद्धान्त का प्रतिपादन करते है। जिस सिद्धान्त का नाम विश्लेषणात्मक सिद्धान्त है।
    2. मूल प्रवृत्ति के जनकविलियम मैक्डूगल हैं, जिन्होंने 14 मूल प्रवृत्ति एवं 14 संवेग प्रतिपादित किये।

Sunday, 23 July 2017

व्‍यक्तित्‍व का अर्थ, परिभाषाऐं एवं वर्गीकरण

व्‍यक्तित्‍व का अर्थ, परिभाषाऐं एवं वर्गीकरण
(Meaning of personality, definitions and classifications)
व्‍यक्तित्‍व का अर्थ
   व्‍यक्तित्‍व का अंग्रेजी अनुवाद Personality है  जो लैटिन भाषा के शब्‍द परसोना (Persona) से बना है, जिसका अर्थ नकाब (mask) या मुखौटा होता है।
   व्‍यक्तित्‍व को इस शब्‍द के अनुसार बाहरी वेश-भूषा तथा दिखावे के आधार पर परिभाषित किया जाता था।
   जिस व्‍यक्ति का बाहरी दिखावा साधारण होता था, उसका व्‍यक्तित्‍व उतना अच्‍छा नहीं समझा जाता था परन्‍तु जिस व्‍यक्ति का बाहरी दिखावा भड़कीला होता था, उसका व्‍यक्तित्‍व अच्‍छा समझा जाता था।
   परन्‍तु, इस तरह की परिभाषा को तुरंत ही अवैज्ञानिक घोषित कर दिया गया।
   इसके बाद धीरे-धीरे विभिन्‍न मनोवैज्ञानिकों ने व्‍यक्तित्‍व की अनेक परिभाषाएँ दी। 
व्‍यक्तित्‍व की परिभाषाऐं
आलपॉर्ट के अनुसार-''व्यक्तित्व उन मनोदैहिक व्यवस्थाओं (गुणों) का गत्यात्मक संगठन है, जो वातावरण के साथ उसके अपूर्व समायोजन को निर्धारित करते हैं।"
बोरिंग के अनुसार'वातावरण के साथ सामान्य एवं स्थायी समायोजन ही व्यक्तित्व है।'
वैलेन्टाइन के अनुसार'व्यक्त्वि जन्मजात एवं अर्जित प्रवृत्तियों का योग है।'
वुडवर्थ के अनुसार'व्यक्तित्व व्यक्ति की संपूर्ण गुणात्मकता है।'
मन के अनुसार'व्यक्तित्व एक व्यक्ति के व्यवहार के तरीकों, दृष्टिकोणों, क्षमताओं, योग्यताओं तथा अभिरूचियों का विशिष्टतम संगठन हैं।'
आइजेन्‍क के अनुसार, ''व्‍यक्तित्‍व, व्‍यक्ति के चरित्र, चित्रप्रवृत्ति, ज्ञानशक्ति तथा शरीरगठन का करीब-करीब एक एक स्‍थायी एवं टिकाऊ संगठन है जो वातावरण में उसके अपूर्व समायोजन का निर्धारण करता है।''
इन परिभाषाओं के आधार पर व्‍यक्तित्‍व के गुण
  1. मनोशारीरिक तंत्र
  2. गत्‍यात्‍मक संगठन
  3. वातावरण के साथ अपूर्व समायोजन का निर्धारण
व्यक्तित्व का वर्गीकरण
जुंग द्वारा किया गया मनोवैज्ञानिक वर्गीकरण : वर्तमान में जुंग/युंग का वर्गीकरण सर्वोत्तम माना जाता है। इन्होंने मनोवैज्ञानिक लक्षणों के आधार पर व्यक्तित्व के तीन भेद माने जाते है-(i) अन्तर्मुखी, (ii) बहिर्मुखी तथा (iii) उभयमुखी-
(i) अन्तर्मुखी-अंतर्मुखी झेंपने वाले, आदर्शवादी और संकोची स्वभाव वाले होते है। इसी स्वभाव के कारण वे अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में असफल रहते है। ये बोलना और मिलना कम पसंद करते है। पढ़ने में अधिक रूचि लेते है। इनकी कार्य क्षमता भी अधिक होती है।
(ii) बहिर्मुखी-बहिर्मुखी व्यक्ति भौतिक और सामाजिक कार्यो में विशेष रूचि लेते है। ये मेलजोल बढ़ाने वाले और वाचाल होते हैं। ये अपने विचारों और भावनाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त कर सकते हैं। इनमे आत्मविश्वास चरम सीमा पर होता है और बाह्य सामंजस्य के प्रति सचेत रहते है।
(iii) उभयमुखी-इस प्रकार के व्यक्ति कुछ परिस्थितियों में बहिर्मुखी तथा कुछ में अंतर्मुखी होते है। जैसे एक व्यक्ति अच्छा बोलने वाला और लिखने वाला है, किन्तु एकांत में कार्य करना चाहता है।
भारतीय दृष्टिकोण से व्यक्तित्व का वर्गीकरण
          भारतीय दृष्टिकोण से व्यक्तित्व को तीन भागों में विभक्त किया गया है
1. सतोगुणीगुण ही गुण, ईश्वर व धर्म में विश्वास।
2. रजोगुणीराजसी प्रवृत्ति वाला, कर्म में विश्वास करता है।
3. तमोगुणीअवगुण ही अवगुण, अपने सुख की प्राप्ति के लिए कर्म करना।
कैचमर का शरीर रचना पर आधारित वर्गीकरण :
(i) एस्थेनिक - इस तरह के व्‍यक्ति का कद लम्‍बा होता है, परन्‍तु वे दुबले-पतले शरीर के होते है। मांसपेशियां अविकसित, वजन कम, स्‍वभाव कुछ चिड़चिड़ा, दिवास्‍वप्‍न आदि गुण होते है। क्रेश्‍मर ने इस प्रकार की प्रवृत्ति के लोगों को 'सिजोआड' (schizoid) की संज्ञा दी है। यह व्‍यक्तित्‍व का शक्तिहीन प्रकार है।
(ii) एथलेटिक - इस प्रकार के लोग खिलाड़ी प्रवृत्ति के होते है। व्‍यक्ति के शरीर की मांसपेशियां काफी विकसित एवं गठी होती हैं तथा शारीरिक कद न तो लम्‍बा और न तो अधिक छोटा होता है। इनका पूरा शरीर सुडौल एवं हर तरह से सं‍तुलित दिखाई देता है। ऐसे व्‍यक्ति बदलती हुई परिस्थिति के साथ आसानी से समायोजन कर लेते हैं। अत: इन्‍हें सामाजिक प्रतिष्‍ठा काफी मिलती है।
(iii) पिकनिक - ऐसे व्‍यक्ति का कद छोटा होता है तथा शरीर भारी एवं गोलाकार होता है। ऐसे लोगों की गर्दन छोटी एवं मोटी होती है। ऐसे व्‍यक्ति खाने-पीने तथा सोने में काफी मजा लेते हैं तथा  खुशमिजाज हाते है।
शेल्‍डन के अनुसार वर्गीकरण -
       शेल्‍डन ने सन् 1940 में शरीरगठन के आधार पर दूसरा सिद्धान्‍त बनाया जिसे सोमैटोटाईप सिद्धान्‍त कहा गया। शेल्‍डन ने भी व्‍यक्तित्‍व के तीन प्रकार बतायें, जो निम्‍न है
 i. एण्‍डोमार्फी - इस प्रकार के व्‍यक्ति मोटे एवं नाटे होते हैं और इनका शरीर गोलाकार दिखता है। यह क्रेश्‍मर के पिकनिक प्रकार से मिलता जुलता है।
ii. मेसोमार्फी - इस प्रकार के व्‍यक्ति के शरीर की हड्डियां एवं मांसपेशियां काफी विकसित होती हैं तथा शारीरिक गठन काफी सुडोल होता है। यह केश्‍मर के एथलेटिक प्रकार के समान होता है।
iii. एक्‍टोमार्फी - इस प्रकार के व्‍यक्ति का कद लम्‍बा होता है, परन्‍तु ये दुबले - पतले होते है। ये अकेला रहना तथा संकोचशील होते है। इस प्रकार के व्‍यक्तित्‍व को लम्‍बाकार भी कहते है।
आइंजनेक के अनुसार
1. अन्तर्मुखताबहिर्मुखला
2. स्नायुविकृतिस्थिरता
3. मनोविकृततापरा अहम् की क्रियाएँ
थार्नडाइक का चिंतन पर आधारित वर्गीकरण :
(i) सूक्ष्म विचारक
(ii) प्रत्यक्ष विचारक
(iii) स्थूल विचारक।
स्प्रेन्गरस्प्रेन्गर ने समाजशास्त्रीय आधार पर व्यक्तित्व का वर्गीकरण किया है
1. सैद्धान्तिक प्रवृति वालेकवि, लेखक, दार्शनिक।
2. राजनैतिक प्रवृति वालेमंत्री, नेता, उत्साहित, प्रचारक।
3. सामाजिक प्रवृति वालेदयावान, मिलनसार, सहानुभूति रखने वाले।
4. सौन्दर्यात्मक प्रवृति वालेकलाकार, मूर्तिकार, प्रकृति प्रेमी, साहित्यकार।
5. आर्थिक प्रवृति वालेव्यापारी, दुकानदार, उद्योगपति।
6. धार्मिक प्रवृति वालेसंत, पुजारी, भक्त।


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Monday, 17 July 2017

महत्त्वपूर्ण प्रश्न : शिक्षार्थी के विकास सम्‍बन्धित

महत्त्वपूर्ण प्रश्न : शिक्षार्थी के विकास सम्‍बन्धित
(Important questions: related to the development of the learner)

·     बच्चे का किस प्रकार का विकास विद्यालय और शिक्षक द्वारा प्रभावित होता है?
 (अ) मानसिक (ब) सामाजिक
 (स) संवेगात्मक (द) ये सभी                           (द)
·     निम्न में से कौनसा भाषा के विकास को प्रभावित नहीं करता?
 (अ) परिपक्वता (ब) अभिप्रेरणा
 (स) स्वास्थ्य  (द) लम्बाई एवं वजन       (द)
·    बाल विकास में
(अ) प्रक्रिया पर बल है
(ब) वातावरण और अनुभव की भूमिका पर बल है
(स) गर्भावस्था से किशोरावस्था तक का अध्ययन होता है।
(द) उपरोक्त सभी पर                               (द)
·   मानवीय विकास में आनुवंशिकता एवं परिवेश की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौनसा कथन समुचित है?
(अ) परिवेश की भूमिका लगभग स्थिर सी रहती है जबकि आनुवंशिकता का प्रभाव परिवर्तन हो सकता है।
(ब) 'व्यवहारवाद' के सिद्धान्त प्राय: मानवीय विकास में 'प्रकृति' की भूमिका पर आधारित हैं।
(स) विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आनुवंशिकता एवं परिवेश सापेक्षिक प्रभाव परिवर्तनशील है।
(द) भारत सरकार की विभेदात्मक क्षतिपूरकता सम्बन्धी नीति मानवीय विकास में 'प्रकृति' की भूमिका पर आधारित है। (स)
·   एक अध्यापक/अध्यापिका ने पाया की एक विद्यार्थी वर्ग बनाने में कठिनाई अनुभव कर रहा है। उसने अनुमान लगाया कि वह हीरे का चित्र बनाने में भी कठिनाई करेगा। उसने निम्नलिखित में से किस सिद्धान्त पर आधारित होकर का अनुमान लगाया?
(अ) विकास एक व्यवस्थित क्रम में होने की प्रवृत्ति से सम्बद्ध है।
(ब) विकास की प्रक्रिया एक उत्परिवर्तनीय प्रक्रिया है।
(स) विकास निरंतरीय होता रहता है।
(द) अलग-अलग लोगों के लिए विकास की प्रक्रिया भी अलग-अलग होती है।  (अ)
·    निम्नलिखित में से कौनसा आनुवांशिकता से निर्धारित नहीं होता है?
(अ) अभिक्षमता       (ब) अभिवृत्ति
(स) बुद्धि                 (द) व्यक्तित्व                     (ब)
·   बच्चे के विकास में आनुवंशिकता और वातावरण की भूमिका के बारे में निम्नलिखित में से कौनसा सत्य है?
(अ) आनुवंशिकता और वातावरण दोनों एक बच्चे के विकास में 50'-50' योगदान रखते हैं।
(ब) समवयस्कों और पित्रेक का सापेक्ष योगदान योगात्मक नहीं होता
(स) आनुवंशिकता और वातावरण एक साथ परिचालित नहीं होते।
(द) सहज रूझान वातावरण से संबंधित है जबकि वास्तविक विकास के लिए आनुवंशिकता जरूरी है। (ब)
·    ....... ने बालक के प्राकृतिक विकास पर बल दिया?
(अ) मांटेसरी   (ब) सेगुइन
(स) वर्क      (द) बिनेट                             (अ)
·   छात्र का वह सोपान जबकि वह सर्वाधिक रूप से संवेगों से घिरा रहता है?
(अ) शैशवावस्था      (ब) बाल्यावस्था
(स) प्रौढ़काल  (द) किशोरावस्था                 (द)
·  किशोर अवस्था में सामाजिक विकास पर जिसका प्रभाव नहीं पड़ता वह निम्न में से कौनसी है?
(अ) रूचियों   (ब) आवश्यकताऐं
(स) असुरक्षा   (द) अभिवृत्ति                         (द)
·   'किशोरावस्था शैशवावस्था की पुनरावृत्ति है' किसने कहा?
(अ) एच. ई. जोन्स   (ब) विलियम जैम्स
(स) गिलफॉर्ड          (द) एरिक्सन              (द)
·   कौनसी अवस्था में भावात्मक अस्थिरता व भावावेश अपेक्षाकृत अधिक देखा जाता है?
(अ) बचपन               (ब) पूर्व किशोरावस्था
(स) पश्च किशोरावस्था (द) वयस्कता              (ब)
·   इनमें से कौनसी विशेषता किशोरावस्था अवधि की नहीं है?
(अ) तीव्र शारीरिक विकास एवं परिवर्तन
(ब) भावात्मक प्रवृत्तियों का उच्च होना
(स) विपरीत लिंग की ओर अधिक आकर्षण
(द) स्पष्ट एवं स्थिर आत्म-प्रत्य                                  (द)
·   किशोर के असामान्य व्यवहार का सबसे अधिक प्रभाव कौनसी संस्था का पड़ता है?
(अ) परिवार   (ब) समाज
(स) ये दोनों   (द) इनमें से कोई नहीं             (ब)
·   'किशोरावस्था जीवन की सबसे कठिन सीढ़ी है' यह कथन है?
(अ) किलपैट्रिक             (ब) वर्ले
(स) कोलेसनिक       (द) हरलॉक               (अ)
·   शारीरिक विकास का क्षेत्र है?
(अ) स्नायु मण्डल    (ब) स्मृति
(स) अभिप्रेरणा             (द) समायोजन             (अ)
·   शरीर के आकार में वृद्धि होती है, क्योंकि
(अ) नैतिक विकास    (ब) संवेगात्मक विकास
(स) संज्ञानात्मक विकास
(द) शारीरिक और गत्यात्मक विकास              (द)
·   मानसिक विकास को प्रभावित करने वाले कारक है?
(अ) वंशानुक्रम
(ब) परिवार का वातावरण
(स) परिवार की सामाजिक स्थिति
(द) उपर्युक्त सभी                                   (द)
·    किशोरावस्था की अवधि है?
(अ) 12 से 19 वर्ष    (ब) 10 से 14 वर्ष
(स) 15 से 20 वर्ष    (द) 20 से 25 वर्ष    (अ)
·   शैशवावस्था की मुख्य विशेषता क्या नहीं है?
(अ) सीखने की प्रक्रिया में तीव्रता
(ब) जिज्ञासा की प्रवृत्ति
(स) चिंतन प्रक्रिया
 (द) अनुकरण द्वारा सीखने की प्रवृत्ति                        (स)
·     शैशवावस्था सीखने का आदर्श काल है, यह किसने कहा ?
 (अ) वेलेंटाइन  (ब) पियाजे
 (स) स्किनर   (द) हरलॉक                                  (अ)
·     किस मनोवैज्ञानिक के अनुसार विकास एक सतत और धीमी-धीमी प्रक्रिया है?
  (अ) कोलसनिक      (ब) पियाजे
  (स) स्किनर   (द) हरलॉक                                (द)
·     बाल्यावस्था होती है?
 (अ) पाँच वर्ष तक    (ब) बारह वर्ष तक
 (स) इक्कीस वर्ष तक (द) इसमें से कोई नहीं                (ब)
·     विकास में वृद्धि से तात्पर्य है?
       (अ) ज्ञान में वृद्धि 
    (ब) संवेग में वृद्धि
        (स) वजन में वृद्धि
        (द) आकार, सोच, समझ, कौशलों में वृद्धि                               (द)
·      निम्नलिखित में से कौनसी किशोरावस्था की मुख्य समस्याएँ है?
  (अ) संवेगात्मक समस्याएँ
  (ब) समायोजन की समस्याएँ
  (स) शारीरिक परिवर्तनों की समस्याएँ
  (द) उपर्युक्त सभी                                                      (द)
·     बाल विकास का सही क्रम है?
  (अ) प्रौढावस्था-किशोरावस्था-बाल्यावस्था
  (ब) पूर्व किशोरावस्था-मध्य किशोरावस्था-उत्तर किशोरावस्था
  (स) बाल्यावस्था-किशोरावस्था-प्रौढ़ावस्था
  (द) इनमें से कोई नहीं                               (स)
·     निम्नलिखित में से कौनसा विकास का सिद्धान्त है?
  (अ) सभी की विकास दर समान नहीं होती है
  (ब) विकास हमेशा रेखीय होता है
  (स) विकास की सभी प्रक्रियाएँ अंत:संबंधित नहीं है
  (द) यह निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया नहीं है  (अ)
·     मानव विकास को क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है, जो है?
  (अ) शारीरिक, संज्ञानात्मक, संवेगात्मक और सामाजिक
  (ब) संवेगात्मक, संज्ञानात्मक, आध्यात्मिक और शारीरिक
  (स) मनोवैज्ञानिक, संज्ञानात्मक, संवेगात्मक और शारीरिक
  (द) शारीरिक, आध्यात्मिक, संज्ञानात्मक और सामाजिक     (अ)
·      विकास शुरू होता है?
  (अ) उत्तर-बाल्यावस्था से     (ब) प्रसव पूर्व अवस्था से
  (स) शैशवावस्था से                (द) पूर्व-बाल्यावस्था से (ब)
·      बाल्यावस्था को प्रतिद्वन्द्वात्मक सामाजीकरण का काल कहा?
  (अ) किलपैट्रिक       (ब) पियाजे
  (स) कोलसनिक             (द) हरलॉक                           (अ)
·     बाल्यावस्था को शिक्षा शास्त्रियों ने क्या कहा?
 (अ) अकेली आयु     (ब) समूह की आयु
  (स) ये दोनों               (द) इनमें से कोई नहीं        (ब)
·      बाल्यावस्था में सामाजिक विकास के रूप में मुख्य है?
  (अ) सामाजिक चेतना या यथेष्ट विकास
  (ब) बालक व बालिकाओं में एक साथ रहने की प्रवृत्ति
  (स) अपनी अवस्था के गिरोह से अलग रहना
  (द) बाल्यावस्था की अंतिम अवस्था में माता-पिता में स्वास्थ्य सामन्जस्य        (ब)
·     लारेन्स कोहलबर्ग विकास के क्षेत्र में शोध के लिए जाने जाते है?
 (अ) संज्ञानात्मक     (ब) शारीरिक
 (स) नैतिक                (द) गामक                            (स)
·  बिग व हेट ...... की विशेषताओं को सर्वोत्तम रूप से व्यक्त करने वाला एक शब्द है 'परिवर्तन' परिवर्तन शारीरिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक होता है?
(अ) शैशवावस्था      (ब) बाल्यावस्था
(स) किशोरावस्था     (द) प्रौढ़ावस्था                         (स)
·    बालक का विकास परिणाम है?
 (अ) वंशानुक्रम का 
(ब) वातावरण का
 (स) वंशानुक्रम तथा वातावरण की अंत:प्रक्रिया का
 (द) आर्थिक कारकों का                                          (स)
·   विद्यार्थियों में सामाजिक विकास विकसित करने हेतु एक अध्यापक को चाहिए कि वह जाने?
(अ) विद्यार्थियों के व्यक्तिगत रूचियों को
(ब) विद्यार्थियों के शारीरिक विकास को
(स) विद्यार्थियों के सभी पक्षों को
(द) विद्यार्थियों के कार्य निष्पादनों को                         (स)
·   वृद्धि एवं विकास में क्या सम्बन्ध है?
(अ) एक-दूसरे के विरोधी है
(ब) एक-दूसरे के समान है
(स) एक-दूसरे के पूरक है
(द) उपर्युक्त सभी                                               (स)
·   खिलौने की आयु कहा जाता है?
(अ) पूर्व बाल्यावस्था  (ब) उत्तर बाल्यावस्था
(स) शैशवावस्था को   (द) उपर्युक्त सभी                 (अ)
·    निम्नलिखित में से कौनसी पूर्व बाल्यावस्था की विशेषता नहीं है?
(अ) दल/समूह में रहने की अवस्था
(ब) अनुकरण करने की अवस्था
(स) प्रश्न करने की अवस्था
(द) खेलने की अवस्था                                           (अ)
·  उत्तर बाल्यावस्था में बालक भौतिक वस्तुओं के किस आवश्यक तत्त्व में परिवर्तन समझने लगते है?
(अ) द्रव्यमान  (ब) द्रव्यमान और संख्या
(स) संख्या    (द) द्रव्यमान, संख्या व क्षेत्र               (द)
·    निम्नलिखित में से कौनसा विकासात्मक कार्य उत्तर बाल्यावस्था के उपयुक्त नहीं है?
(अ) सामान्य खेलों के लिए आवश्यक शारीरिक कुशलताएँ सीखना
(ब) पुरूषोचित या स्त्रियोंचित सामाजिक भूमिकाओं को प्राप्त करना
(स) वैयक्तिक आत्मनिर्भरता प्राप्त करना
 (द) अपने हम उम्र बालकों के साथ रहना सीखना  (ब)
·    शैशवावस्था में बालक में कौनसी विशेषताएँ पाई जाती है?
 (अ) 11 माह  (ब) 16 माह
 (स) 20 माह   (द) 24 माह                                       (अ)
·    बालक अपने व्यवहार की सामाजिक स्वीकृति जिस अवस्था में चाहता है, वह अवस्था है?
(अ) किशोरावस्था     (ब) बाल्यावस्था
 (स) शैशवावस्था                  (द) प्रौढ़ावस्था                           (अ)
·     बच्चों के विकास के सिद्धान्त को समझना शिक्षक की सहायता करता है?
 (अ) शिक्षार्थियों की भिन्न अधिगम शैलियों को प्रभावी रूप से सम्बोधित करने में
 (ब) शिक्षार्थियों की रूचि के अनुरूप शिक्षण की रूचि में
 (स) ये दोनों               
 (द) इनमें से कोई नहीं                                                (अ)
·     निकट-दूर सिद्धान्त में विकास किस प्रकार है?
  (अ) केन्द्र से सिरों की ओर (ब) ऊपर से नीचे की ओर
  (स) दोनों ओर बराबर     (द) नीचे से ऊपर की ओर       (अ)
·     विकास का अर्थ है?
 (अ) परिवर्तनों की उत्तरोत्तर शृंखला
 (ब) अभिप्रेरणा के फलस्वरूप होने वाले परिवर्तनों की उत्तरोत्तर शृंखला
 (स) अभिप्रेरणा एवं अनुभव के फलस्वरूप होने वाले परिवर्तनों की उत्तरोत्तर शृंखला
 (द) परिपक्वता एवं अनुभव के फलस्वरूप होने वाले परिवर्तनों की शृंखला       (स)
·     विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौनसा कथन सत्य नहीं है?
  (अ) विकास की प्रत्येक अवस्था के अपने खतरे है
  (ब) विकास बढ़ावा देने से नहीं होता है
  (स) विकास सांस्कृतिक परिवर्तनों से प्रभावित होता है
  (द) विकास की प्रत्येक अवस्था की अपनी विशेषताएँ   (ब)
·      6 से 10 वर्ष की अवस्था में बालक रूचि लेना प्रारम्भ करते है?
  (अ) धर्म में                 (ब) मानव शरीर
  (स) यौन सम्बन्धों में  (द) विद्यालय                      (द)
·      निम्नलिखित में से कौनसा व्यवहार भावनात्मक बाधा को प्रदर्शित नहीं करता है?
  (अ) बाल अपराध     (ब) कमजोरों को डराने वाला
  (स) भगोड़ापन             (द) स्वालीनता                        (द)
·      दूसरे वर्ष के अन्त तक शिशु का शब्द भण्डार हो सकता है?
  (अ) 100 शब्द       (ब) 60 शब्द
  (स) 50 शब्द        (द) 10 शब्द                                (अ)
·      शर्म तथा गर्व जैसी भावना का विकास किस अवस्था में होता है?
  (अ) शैशवावस्था      (ब) बाल्यावस्था
  (स) किशोरावस्था     (द) वृद्धावस्था                     (ब)
·      शारीरिक शिक्षा का 'स्वर्ण युग' कहते हैं?
  (अ) उत्तर एथेन्स काल      (ब) स्पार्टा काल
  (स) होमर काल (द) उपरोक्त में से कोई नहीं              (अ)
·     कक्षा VII का शिक्षार्थी गणित में त्रुटियाँ करता है। एक शिक्षक के रूप में आप
 (अ) शिक्षार्थी को दिखाएँ कि त्रुटि कहाँ थी और शिक्षार्थी को उसे दुबारा करने के लिए कहेंगे।
(ब) शिक्षार्थी को सही उत्तर उलब्ध कराएँगे।
(स) शिक्षार्थी को कैल्कुलेटर का प्रयोग करने की अनुमति देंगे।
(द) शिक्षार्थी से कहेंगे कि वह विकल्पात्मक पद्धति का प्रयोग करें अथवा स्वयं त्रुटि का पता लगाने के लिए उसे दुबारा करें।                      (द)
·    पूर्व प्रसूतिकाल के प्रारम्भ से किशोरावस्था के अंत तक होने तक अध्ययन करता है?
 (अ) विकासात्मक मनोविज्ञान   (ब) बाल मनोविज्ञान
 (स) मानव मनोविज्ञान                     (द) दैहिक मनोविज्ञान                 (ब)
·    कौनसे सिद्धान्त में बाल्यकाल के अनुभव के विकासात्मक आयाम पर बल दिया गया?
 (अ) व्यवहारवाद      (ब) प्रकार्यवाद
 (स) मनोविश्लेषणवाद  (द) संरचनावाद                                     (स)
·    अपने शिष्य के संवेगात्मक विकास के लिए अध्यापक को चाहिए कि
 (अ) वह शिष्य के माता-पिता का स्थान हड़पने की कोशिश न करें
 (ब) वह अपने शिष्य के प्रति प्रेम तथा स्नेह विकसित करें
 (स) वह अपने शिष्य की शरारत के प्रति भी प्रेम कर रवैया अपनाये
 (द) अपने कुछ चुनिंदा शिष्यों के प्रति पक्षतापूर्ण व्यवहार करें       (ब)
·    हकलाने का मनोवैज्ञानिक कारण है?
(अ) घर तथा विद्यालय का तनावपूर्ण वातावरण
(ब) शब्द भण्डार अपर्याप्त होना
(स) संवेगों का तीव्र प्रवाह
(द) त्रुटिपूर्ण वाकशैली                                            (स)
·    बाल विकास की दृष्टि से निम्न में से कौनसी युक्ति महत्त्वपूर्ण है?
 (अ) भोजन एवं पोषण       (ब) वंशानुक्रम एवं वातावरण
 (स) प्रेम एवं देखभाल  (द) वंशानुक्रम एवं शिक्षा                 (ब)
·    विद्यार्थियों में सामाजिकता के गुणों का विकास करने वाली शिक्षण विधि है?
(अ) समस्या समाधान विधि (ब) प्रयोजना विधि
(स) समाजीकृत अभिव्यक्ति (द) व्याख्यान विधि               (ब)
·    निम्न में से कौनसा कथन बच्चे के विकास में परिवेश की भूमिका का समर्थन करता है?
(अ) शारीरिक रूप से स्वस्थ बच्चे अकसर नैतिक रूप से अच्छे पाये जाते हैं।
(ब) कुछ शिक्षार्थी सूचनाओं का जल्दी प्रक्रमण करते हैं जबकि उसी कक्षा के अन्य विद्यार्थी ऐसा नहीं कर पाते।
(स) पिछली कुछ दशाब्दियों में बुद्धि लब्धांक परीक्षा में शिक्षार्थियों के औसत प्रदर्शन में लगातार वृद्धि हुई है।
 (द) एक समान जुड़वाँ बच्चे जिनका लालन-पालन भिन्न घरों में हुआ है, उनकी बुद्धिलब्धि 0.75 के समान उच्च है।                            (ब)
·    बाल विकास का अध्ययन क्षेत्र है?
(अ) बाल विकास की विभिन्न अवस्थाओं का अध्ययन
(ब) वातावरण का बाल विकास पर पडऩे वाले प्रभावों का अध्ययन
(स) वैयक्तिक विभिन्नताओं का अध्ययन
(द)  उपरोक्त सभी                                (द)
·   भाषा विकास में सहयोग करने का कौन-सा तरीका गलत है?
(अ) बच्चे को बिना टोके प्रकरण पर बात करना
(ब) उसकी अपनी भाषा के प्रयोग को अमान्य करना
(स) उसके प्रयोगों का समर्थन करना
(द) भाषा के प्रयोग के अवसर उपलब्ध कराना       (ब)
·   आर. सी. ई. एम. द्वारा उद्देश्यों का वर्गीकरण और मानसिक प्रक्रियाऐं निम्न है?
(अ) ज्ञान, समझना, प्रयोग, सृजनात्मक
 (ब) ज्ञान, समझना, प्रयोग सृजनात्मक, विश्लेषण
 (स) (अ) और (ब) दोनों
 (द) इनमें से कोई नहीं                                     (अ)
·    तनाव कम करने का अप्रत्यक्ष ढ़ंग कौनसा है?
 (अ) उदारीकरण         (ब) दूसरे लक्ष्यों का प्रतिस्थापन
 (स) रूकावट को दूर करना  (द) विश्लेषण और निर्णय      (अ)
·     किशोरावस्था की प्रमुख समस्या है?
 (अ) वजन बढ़ाने की (ब) शिक्षा की
 (स) समायोजन की    (द) अच्छे परीक्षा परिणाम देने की (स)
·     निम्न में शैशवावस्था की विशेषता नहीं है?
  (अ) शारीरिक विकास में तीव्रता
  (ब) मानसिक क्रियाओं में तीव्रता
  (स) दूसरों पर निर्भरता
 (द) नैतिकता का होना                                     (द)
·     फ्रायड के अनुसार किस अवस्था में कामेच्छाएँ सापेक्ष रूप से निष्क्रिय रहती है?
  (अ) मुखीय            (ब) गुदीय
  (स) लैंगिग                (द) प्रसुप्ति                         (द)
·     निम्न में से कौनसा हमारे इन्द्रिय सुख की इच्छाओं का भण्डार गृह है?
 (अ) अदम्                (ब) अहम्
 (स) परम अहम्                  (द) सूक्ष्म अहम्                              (अ)
·   मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए निम्नलिखित में से कौनसा तरीका सही नहीं है?
(अ) कुछ नजदीक विश्वसनीय मित्र हो
(ब) अपनी समस्याएँ अपने तक रखे
(स) कुछ मनोरंजन की अभिरूचि रखे
(द) किसी विश्वासपात्र व्यक्ति से अपनी समस्याओं की चर्चा करें              (ब)
·    कौनसा सूत्र सही है?
 (अ) परिपक्वता + अधिगम = विकास
 (ब) परिपक्वता म अधिगम = विकास
 (स) परिपक्वता + विकास = अधिगम
 (द) विकास + अधिगम = परिपक्वता                    (अ)
·    निम्न में से कौनसा कारक समस्या समाधान में बाधक हो सकता है?
 (अ) रूचि                 (ब) बुद्धि
 (स) मानसिक वृत्ति    (द) पूर्व अधिगम सार               (स)
·     मानसिक स्वास्थ्य की विधियाँ है?
 (अ) संरक्षित विधि    (ब) निरोधात्मक विधि
 (स) उपचरात्मक विधि       (द) उपर्युक्त सभी                 (द)
·     कौनसी उम्र में बच्चों क मानसिक विकास लगभग पूर्ण हो जाता है?
  (अ) 6 वर्ष    (ब) 8 वर्ष
  (स) 11 वर्ष   (द) 14 वर्ष                                       (द)
·   एक किशोर अपने अध्यापक द्वारा दण्डित होने पर अपने छोटे भाई बहिन या दोस्त को पीटता है या कुर्सियाँ व टेबल तोड़ता है। यह उदाहरण है?
(अ) विस्थापन       (ब) क्षतिपूर्ति
(स) प्रतिगमन (द) भावनात्मक अभिव्यक्ति   (अ)
·    निम्न में से कौनसा कथन विकास के संबंध में सही नहीं है?
(अ) विकास प्रतिमानों की कुछ निश्चित विशेषताओं की भविष्यवाणी कर सकता है।
(ब) विकास का उद्देश्य वंशानुगत क्षमता का विकास करना है।
(स) विकास के विभिन्न क्षेत्रों में संभाव्य खतरे नहीं होते है।
(द) प्रारम्भिक विकास बाद के विकास से अधिक महत्त्वपूर्ण है।                      (ब)
·   निम्न में से कौनसी विशेषता सामाजिक रूप से वंचित वर्ग के विद्यार्थियों की नहीं है?
(अ) बालकों की देखभाल के अनुभव उन्हें स्कूल के लिए प्रभावशाली ढंग से तैयार नहीं करते।
(ब)  नियमित स्वास्थ्य संबंधी देखभाल नहीं मिलती
(स) व्यापक एवं विविध अनुभवों को प्राप्त करने का मौका नहीं मिलता
(द) विद्यालय में अच्छा करने के लिए अभिप्रेरित नहीं किया जाता।        (ब)
·    इनमें से एक विकास का सिद्धान्त नहीं है?
(अ) निरंतर प्रक्रिया               (ब) गतिशील प्रक्रिया
(स) पूर्व कथनीय प्रक्रिया     (द) प्रतिवर्ति प्रक्रिया                           (द)
·   निम्न में से कौनसा कथन सही नहीं है?
(अ) जो अध्याय यह विश्वास करता है कि विकास प्रकृति की वजह से होता है, वह अनुभव प्रदान करने को महत्त्व नहीं देता
(ब) प्रारम्भिक अनुभव महत्त्वपूर्ण होते है और अध्यापक का हस्तक्षेप भी महत्त्वपूर्ण होता है
(स) प्रारम्भिक जीवन की नकारात्मक घटनाओं के प्रभावों से कोई भी अध्यापक बचाव नहीं कर सकता
(द) व्यवहारिक परिवर्तन के सन्दर्भ में विकास वातावरणीय प्रभावों के फलस्वरूप होता है     (स)
·   निम्न में से कौनसा कारण बालक के स्वस्थ भावात्मक विकास में सहायक नहीं है?
(अ) बालक के कार्यों को सामाजिक स्वीकृति मिलना
(ब) परिवार एवं विद्यालयों में संवेगों का दमन
(स) विद्यालय में उपर्युक्त शिक्षण विधियों का प्रयोग
(द) शिक्षक द्वारा व्यवहार के सही उदाहरण प्रस्तुत करना    (ब)
·    किशोरावस्था की अवधि है?
 (अ) 12 से 19 वर्ष    (ब) 10 से 14 वर्ष
 (स) 15 से 20 वर्ष    (द) 20 से 25 वर्ष                (अ)
·    किशोरों में द्वन्द्व उभरने का मुख्य कारण है?
 (अ) पीढिय़ों का अन्तर       (ब) अवसरों की प्रतिकूलता
 (स) किशोरावस्था में स्वप्न दर्शन
 (द) निराशा व निस्सहायता                                    (ब)
·    'किशोरावस्था बड़े संघर्ष, तनाव व तूफान की अवस्था है, यह किसने कहा ?
 (अ) थार्नडाइक (ब) स्किनर
 (स) फ्रायड    (द) स्टेनले हाल                  (द)
·    मानसिक थकान का लक्षण है?
(अ) शरीर में दर्द     (ब) तेज और कठिन श्वास आना
(स) असामान्य व्यवहार      (द) ध्यान का केन्द्रित न होना       (द)
·   भग्नाशा का सबसे बड़ा आंतरिक कारण है?
(अ) असंगत आवश्यकताएँ (ब) मानसिक संघर्ष
(स) परिस्थिति             (द) नैतिक आदर्श           (ब)
·    निम्नलिखित में कौनसा मेल सही नहीं है?
(अ) अन्तर्मुखी-स्वयं अपने में रहना
(ब) प्रक्षेपण-अपनी गलती दूसरों पर डालना
(स) युक्तिकरण-अपना गुस्सा दूसरों पर उतारना
 (द) प्रतिगमन-पुरानी आदतों में लौटना                   (स)
·    मानव विकास ............. है?
(अ) मात्रात्मक 
(ब) गुणात्मक
(स) कुछ सीमा तक अमापनीय
(द) (अ) और (ब)                             (द)
·    अच्छी स्मृति की विशेषताएँ हैं?
(अ) शीघ्र पुन: स्मरण (ब) शीघ्र पहचान
(स) अच्छी धारणा    (द) ये सभी               (द)
·   छात्रों में सीखने की योग्यता निर्भर करती है?
(अ) सामाजिकता पर (ब) संस्कृति पर
(स) परिवार पर      (द) व्यक्तिगत भिन्नता पर   (द)
·    प्रतिभाशाली गुण अर्जित करते है?
(अ) बाल्यावस्था      (ब) किशोरावस्था
(स) शैशवावस्था      (द) जन्मजात              (द)
·   अभिवृत्ति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौनसा कथन सही नहीं है?
(अ) यह मनुष्य की एक प्रकार की भावना है
(ब) यह जन्मजात नहीं होती बल्कि अर्जित की जाती है।
(स) यह परिवर्तित हो सकती है
(द) इस पर बुरे पर्यावरण का प्रभाव नहीं पड़ता      (द)
·   विद्यालय आधारित आकलन....
(अ) परीक्षा के लिए शिक्षण को बढ़ावा देता है, क्योंकि उसमें निरंतर परीक्षण होता है।
(ब) परिणामों की अपेक्षा तकनीकों पर केन्द्रित है।
(स) क्या आकलित किया जाएगा इस पर शिक्षार्थियों को कम नियंत्रण प्रदान करता है।
(द) रचनात्मक प्रतिपुष्टि उपलब्ध कराते हुए सीखने में संवर्धन करता है।          (द)
·    निम्न में से कौनसा विकल्प आत्म सम्प्रत्यय के संबंध में सही नहीं है?
(अ) स्वस्थ्य आत्म सम्प्रत्यय व्यक्ति द्वारा अपना उत्तरदायित्व निभाये जाने में सहायक होता है।
(ब) सामाजिक वातावरण आत्म सम्प्रत्यय के विकास को प्रभावित करता है।
(स) परिपक्वता व आत्म सम्प्रत्यय में कोई सम्बन्ध नहीं है।
(द) भौतिक एवं सांस्कृतिक वातावरण आत्म-सम्प्रत्यय के विकास को प्रभावित करते है।     (स)
·   कार्यात्मक प्रतिबद्धता सिद्धान्त प्रतिक्रिया में मुख्य कारक निम्न में से कौनसा है?
(अ) आकृतिकरण     (ब) पुनर्बलन
(स) बहिर्गमन (द) स्वत: आपूर्ति                 (ब)
·   राजू खरगोश से डरता था। शुरू में खरगोश को राजू के काफी दूर रखा गया। आने वाले दिनों में हर रोज खरगोश और राजू के बीच की दुरी कम कर दी गई। अन्त में राजू की गोद में खरगोश को रखा गया और राजू खरगोश से खेलने लगा। यह प्रयोग उदाहरण है?
(अ) प्रयत्न एवं त्रुटि का सिद्धान्त
(ब) शास्त्रीय अनुबंधन का सिद्धान्त
(स) क्रिया प्रसूत अनुबंधन सिद्धान्त
(द) इनमें से सभी                            (ब)
·   शिक्षण का विकासात्मक परिप्रेक्ष्य शिक्षकों से यह माँग करता है कि वे.....
(अ) इस प्रकार का अधिगम उपलब्ध कराएँ जिसका परिणाम केवल संज्ञानात्मक क्षेत्र के विकास में हो।
(ब) कठोर अनुशासन बनाए रखने वाले बनें, क्योंकि बच्चे अकसर प्रयोग (जाँच) करते हैं।
(स) विकासात्मक कारकों के ज्ञान के अनुसार अनुदेशन युक्तियों का अनुकूलन करें।
(द) विभिन्न विकासात्मक अवस्था वाले बच्चों के साथ समान रूप से व्यवहार करें। (स)
·   नवजात के स्वास्थ्य को जाँचने के लिए प्रयोग में ली जाने वाली (मापनी) स्केल है ?
(अ) टी. ए. टी           (ब) ए. पी. जी. ए. आर. स्केल
(स) डब्ल्यू.आई.एस.सी. स्केल (द) टी. सी. सी. टी.   (ब)
·    मानसिक विकास को प्रभावित करने वाला कारक नहीं है?
 (अ) परिवार का वातावरण 
(ब) धार्मिक वातावरण
 (स) परिवार की सामाजिक स्थिति
(द) परिवार की वार्षिक स्थिति                         (ब)
·    छात्रों में रटने की प्रवृत्ति को रोकने हेतु कैसे प्रश्न पूछने चाहिए?
(अ) वस्तुनिष्ठ       (ब) लघुउत्तरीय
(स) दीर्घ उत्तरीय     (द) निबंधात्मक            (अ)
·    सृजनात्मक का विकास करने में कौनसा सहायक नहीं है?
(अ) कविता पूरी करना
(ब) चित्र पर आधारित मौखिक अथवा लिखित वर्णन
(स) प्रश्नों के उत्तर लिखना
(द) अधूरी कहानी पूरी करना                   (स)
·    निम्नलिखित में से कौनसा कथन सही नहीं है?
(अ) आवश्यकता वंचना की शारीरिक अवस्था है, नहीं है।
(ब) अन्तर्नोद आवश्यकता का मनोवैज्ञानिक परिणाम है।
(स) आवश्यकता एवं अन्तर्नोद समान नहीं है, बल्कि समानान्तर है।
 (द) मूल प्रवृत्तियाँ आन्तरिक जैविक बल है।     (अ)
·     स्व-केन्द्रित अवस्था होती है बालक के.....
(अ) जन्म से 2 वर्ष तक   
(ब) 3 से 6 वर्ष तक
(स) 7 वर्ष से किशोरावस्था तक
(द) किशोरावस्था में                           (ब)
·   माँ-बाप के साये से बाहर निकल अपने साथी बालकों की संगत को पसंद करना सम्बन्धित है?
(अ) किशोरावस्था से       (ब) पूर्व किशोरावस्था से
(स) उत्तर बाल्यावस्था से    (द) शैशवावस्था से    (ब)
·    कुल दाँत होते हैं-    
 (अ) 22       (ब) 27
 (स) 28             (द) 32                   (द)
·     व्यक्तिगत और घनिष्ठ मित्रता किशोरावस्था की विशेषता होती है किसने कहा-
 (अ) फ्रायड    (ब) वैलेन्टाइन
 (स) रॉस      (द) थिलपेट्रिक                   (ब)
·    जब अण्डाणु के X के साथ शुक्राणु का X गुणसूत्र मिलता है तब जन्म होता है-
 (अ) लड़का    (ब) लड़की
(स) दोनों     (द) कुछ नहीं।             (ब)
·   अचेतन मन का अध्ययन किया जाता है?
(अ) प्रक्षेपी विधियों द्वारा    (ब) अवलोकन विधियों द्वारा
(स) साक्षात्कार द्वारा        (द) आत्मकथा द्वारा       (अ)
·   निम्नलिखित में से कौनसी अवस्था सम्प्रत्ययों के सम्पूर्ण विकास की अवस्था है?
(अ) औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था 
(ब) मूर्त सक्रियात्मक अवस्था
(स) इन्द्रियजनित नामक अवस्था    
(द) पूर्व सक्रियात्मक अवस्था              (अ)
·   किशोर अवस्था में सामाजिक विकास पर जिसका प्रभाव नहीं पड़ता, वह है-
(अ) रुचियाँ   (ब) आवश्यकताएँ    
(स) असुरक्षा   (द) नजरिया               (अ)
·   किशोरों में संवेग के नियंत्रण का सबसे अच्छा उपाय है-
(अ) शोधन    (ब) युक्तिकरण
(स) प्रक्षेपण   (द) दमन                 (अ)
·   मानसिक विकास का सम्बन्ध नहीं है-
(अ) शिक्षार्थी का वजन एवं ऊँचाई   
(ब) स्मृति का विकास
(स) तर्क एवं निर्ण
(द) अवबोध की क्षमता                         (अ)
·   किशोरों को नहीं दिया जाना चाहिए- 
(अ) अभिप्रेरण (ब) सहानुभूति
(स) लालच        (द) जिम्मेदारी उठाने का अवसर                 (स)
·    एक बालक सामाजिक रूप से पूर्णत: विकसित माना जायेगा यदि वह-
(अ) विभिन्न प्रकार के व्यक्तियों के साथ व्यवहार करना जानता है
(ब) अपने साथियों के बीच लोकप्रिय नहीं है
(स) अपने परिवार के सदस्यों के साथ स्वरूप सम्बन्ध नहीं रखता
(द) वह अपना अधिकांश समय कम्प्यूटर के साथ व्यतीत करता है।  (अ)
·   एक दिग भ्रमित किशोर का पथ-प्रदर्शन किया जा सकता है-
(अ) उसके अच्छे व्यवहार की प्रशंसा करके
(ब) फटकार लगाकर  
(स) उसके दोषों को उजागर करके
(द) लालच देकर                        (अ)
·    किशोरावस्था, शैशवावस्था की पुनरावृत्ति है, किसने कहा-    
(अ) जोन्स    (ब) विलियम जेम्स  
(स) गिलफर्ड   (द) ऐरिक्सन              (अ)
·   किशोरावस्था में मस्तिष्क का भार होता है-  
(अ) 350 ग्राम             (ब) 1260 ग्राम
(स) 1260-1400 ग्राम  (द) 1600 ग्राम       (स)
·    किशोरावस्था में हड्डियों की संख्या होती है-  
(अ) 270           (ब) 350          
(स) 206           (द) 306                       (स)
·    किशोरावस्था में 1 मिनट में थडकन कितनी बार होती है-   
(अ) 140 बार  (ब) 100 बार 
(स) 85 बार   (द) 72 बार               (द)
·   किशोरावस्था में लड़कों का भार लडकियों से होता है- 
(अ) कम     (ब) अधिक   
(स) समान    (द) बहुत कम             (ब)
·   किशोरावस्था में लडकियों की लम्बाई लड़कों से होती है-    
(अ) कम     (ब) अधिक   
(स) बराबर    (द) बहुत अधिक                 (अ)
·   लडकियों की लम्बाई बढती है-
(अ) 12 वर्ष तक     (ब) 16 वर्ष तक
(स) 18 वर्ष तक     (द) 20 वर्ष तक                  (ब)
·   12-13 वर्ष तक दाँतों की संख्या हो जाती है- 
(अ) 15-20       (ब) 27-28       
(स) 31-32        (द) 20-22                    (ब)
·    चाइल्डहुड एण्ड सोसाइटी के रचयिता हैं-     
(अ) वाटसन   (ब) जॉन डीवी
(स) एरिक्सन  (द) फ्रायड                (स)
·    एरिक्सन ने मनोसामाजिक विकास की कितनी अवस्थाएँ बताई हैं-  
(अ) 5             (ब) 7
(स) 8         (द) 4                    (स)
·    कोलबर्ग ने नैतिक विकास की कुल कितनी अवस्थायें बताई हैं-     
(अ) 4             (ब) 5
 (स) 6         (द) 8                          (स)
·    अतार्किक चिन्तन की अवस्था है-   
 (अ) 2-7 वर्ष              (ब) 7-12 वर्ष 
 (स) 12-15 वर्ष             (द) उपरोक्त में से कोई नहीं  (अ)
·   बालक जिस अवस्था में वर्गीकरण, समानता, भिन्नता बता सकता है- 
(अ) 2-7 वर्ष  (ब) 7-12 वर्ष 
(स) 12-15 वर्ष (द) उपरोक्त सभी    (ब)
·   बालक जिस आयु में खेल, अनुकरण व भाषा के माध्यम से अपने ज्ञान को पुष्ट करता है-  
 (अ) 0-5 वर्ष  (ब) 2-7 वर्ष  
 (स) 7-12 वर्ष  (द) 12 वर्ष के बाद   (ब)
·    किस अवस्था में विचारों में परिपक्वता आ जाती है?
(अ) शैशवास्था       (ब) बाल्यावस्था     
(स) किशोरावस्था     (द) प्रौढावस्था (स)
·   फ्रायड ने काम-शक्ति को नाम दिया है-     
(अ) संवेग           (ब) लिबिडो  
(स) नारसिजिन्म     (द) उपरोक्त सभी    (ब)
·    फ्रायड ने मनोलैंगिक विकास की कितनी अवस्थाएँ बताई है-
(अ) 2               (ब) 6  
(स) 5               (द) 7               (स)
·    किस अवस्था में बालक में ऑडिपस व बालिका में एलेक्ट्रा ग्रन्थि विकसित होता है- 
 (अ) मुखीय अवस्था   (ब) गुदीय अवस्था
 (स) लैंगिक अवस्था   (द) अदृश्यावस्था     (स)
·    सम्पूर्ण पक्ष के परिवर्तनों को प्रकट करता है- 
(अ) शरीर     (ब) विकास   
(स) अभिवृद्धि  (द) संवेग                 (ब)
·   निम्न में से विकास का सिद्धांत है-  
(अ) परस्पर सम्बन्ध का सिद्धांत    
(ब) समान प्रतिमान का सिद्धान्त
(स) क्रमबद्धता का सिद्धांत
(द) उपर्युक्त सभी।                         (द)
·    मानव विकास की दूसरी अवस्था है-  
(अ) किशोरावस्था     (ब) बाल्यावस्था     
(स) शैशवावस्था            (द) प्रौढावस्था       (ब)
·   बाल्यावस्था में बालक दृष्टिकोण अपनाना आरंभ करता है-  
(अ) कल्पनावादी दृष्टिकोण
(ब) यथार्थवादी दृष्टिकोण
(स) सांसारिक दृष्टिकोण    
(द) बर्हिमुखी दृष्टिकोण                        (ब)
·    व्यक्ति के शरीर में कद, भार आदि में परिवर्तनों के लिए शब्द प्रयोग किया जाता है-
(अ) सीखना         (ब) अभिवृद्धि 
(स) विकास         (द) परिवर्तन        (ब)
·    बालक अपने व्यवहार की सामाजिक स्वीकृति जिस अवस्था में चाहता है-   
(अ) किशोरावस्था     (ब) बाल्यावस्था
(स) शैशवावस्था            (द) प्रौढ़ावस्था       (अ)
·   वाटसन ने नवजात शिशु में किन संवेगों की बात कही है?      
(अ) उत्तेजना         (ब) कपट व प्रसन्नता
(स) भय, क्रोध व स्नेह (द) कोई नहीं        (स)
·  किस अवस्था में आते-आते बालकों की संवेगात्मकता में सामाजिकता का भाव आ जाता है- 
(अ) किशोरावस्था           (ब) बाल्यावस्था
(स) शैशवावस्था            (द) प्रौढ़ावस्था       (ब)
·   उत्तर किशोरावस्था का काल है-    
(अ) 2-7 वर्ष    (ब) 7-12 वर्ष 
(स) 12-16 वर्ष  (द) 16-18 वर्ष             (द)
·   एक बड़ी उलझन की अवस्था कौनसी है-    
(अ) शैशवास्था             (ब) पूर्व किशोरावस्था
(स) उत्तर किशोरावस्था      (द) बाल्यावस्था            (ब)
·   दिवा स्वप्न में विचरण करने की क्षमता किस अवस्था में अत्यन्त प्रबल होती है?
(अ) प्रौढावस्था       (ब) किशोरावस्था    
(स) बाल्यावस्था      (द) शैशवावस्था                  (ब)
·   बाल्यावस्था के समापन व किशोरावस्था के प्रारम्भ होने का वर्ष है-  
(अ) 10वां वर्ष      (ब) 8वां वर्ष
(स) 13वां वर्ष      (द) 16वां वर्ष              (स)
·   बालक में तर्कशक्ति के साथ-साथ संवेगात्मक विकास होता है-
(अ) बाल्यावस्था में       (ब) किशोरावस्था में  
(स) शैशवावस्था में       (द) प्रौढावस्था में          (ब)
·   बालक अपना आदर्श चुनता है-
(अ) शैशवावस्था में   (ब) बाल्यावस्था में
(स) किशोरावस्था में   (द) प्रौढ़ावस्था में          (स)
·   बच्चों में अस्थाई दांतों की संख्या-   
(अ) 18             (ब) 19
(स) 20       (द) 32                         (स)
·   बच्चों में स्थाई दांतों की संख्या-    
(अ) 18          (ब) 12
 (स) 20         (द) 22                                                    (ब)
·    प्रज्ञादन्त (Wisdom teeth) की संख्या-
(अ) 6               (ब) 1
(स) 4               (द) 2                    (स)
·    जिस स्तर पर सामाजिक मान्यता प्राप्त करने के लिए संघर्ष उत्पन्न होता है-     
(अ) बाल्यावस्था            (ब) किशोरावस्था    
 (स) शैशवावस्था            (द) वृद्धावस्था        (ब)
·    किशोरावस्था की विशेषता को सर्वोत्तम रूप से व्यक्त करने वाला शब्द है-  
 (अ) विकास         (ब) अस्थिरता
 (स) परिवर्तन        (द) समायोजन       (स)
·     निम्न में से किशोरावस्था की मुख्य समस्याएँ हैं-   
  (अ) शारीरिक विकास की समस्याएँ  
   (ब) समायोजन की समस्याएँ
   (स) काम और संवेगात्मक समस्याएँ 
   (द) उपर्युक्त सभी                       (द)
·      कॉलेस्निक ने किशोरावस्था की आयु बताई है-
  (अ) 10-12 वर्ष (ब) 15-30 वर्ष
 (स) 12-21 वर्ष (द) 10-15 वर्ष             (ब)
·     किशोर व किशोरियां एक-दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं-    
 (अ) किशोरावस्था के प्रथम चरण में 
 (ब) किशोरावस्था के द्वितीय चरण में
 (स) किशोरावस्था के मध्य चरण में  
 (द) किशोरावस्था के अंतिम चरण में               (स)
·     किशोरावस्था बड़े संघर्ष तनाव व तूफान की अवस्था है। यह किसने कहा?      
  (अ) थॉर्नडाइक (ब) स्किनर  
  (स) फ्रायड    (द) स्टेनले हॉल                  (द)
·     किशोरावस्था की अवधि है-  
 (अ) 12 से 19 वर्ष    (ब) 10 से 14वर्ष    
 (स) 15 से 20 वर्ष    (द) 20 से 25 वर्ष          (अ)
·   प्रतिभाशाली गुण अर्जित करते हैं-    
(अ) बाल्यावस्था में   (ब) किशोरावस्था में  
(स) शैशावस्था में     (द) जन्मजात होते हैं       (द)
·  किस मत के अनुयायियों का कथन है कि विकास की क्रिया का आरंभ सिर से होता है?        
(अ) सामान्य से विशिष्ट की ओर   
(ब) विकास प्रक्रिया के समान प्रतिमान
(स) मस्तबोध-मुखी सिद्धान्त  
(द) संगठित प्रक्रिया                                  (स)
·    निकट दूर सिद्धान्त में विकास किस प्रकार है?
(अ) केन्द्र से सिरों की ओर (ब) ऊपर से नीचे की ओर
(स) दोनों ओर बराबर      (द) नीचे से ऊपर की ओर      (अ)
·    निम्न में से किसका अर्थ आकार बढऩे से है
(अ) अभिवृद्धि        (ब) विकास   
(स) परिपक्वता       (द) उन्नयन                      (अ)
·    ''घनिष्ठ और व्यक्तिगत मित्रता उत्तर किशोरावस्था की विशेषता है" यह कथन है-
 (अ) बी.एन. झा            (ब) वैलेन्टाइन
 (स) कॉलसनिक       (द) रॉस                    (ब)
·     व्यक्ति के विकास के लिए जिसका मुख्य योगदान है-
 (अ) वातावरण (ब) वंशानुक्रम
 (स) कोई नहीं  (द) उपर्युक्त दोनों                  (द)
·     वैचारिक क्रिया अवस्था होती है-     
 (अ) 7-12         (ब) 3-6           
 (स) 12-18        (द) 14-16                            (अ)
·     किशोरावस्था में बालकों में अपराध प्रवृत्ति के जन्म के कारण है-   
 (अ) निराशा   (ब) नये अनुभवों की ईच्छा  
 (स) असफलता (द) उपर्युक्त सभी                  (द)
·    शारीरिक वृद्धि और मानसिक वृद्धि में सम्बन्ध है-   
(अ) घनिष्ठ           (ब) बहुत कम
(स) संबंध नहीं है     (द) इनमें से कोई नहीं       (अ)
·   किशोरावस्था की प्रमुख विशेषता नहीं है-    
(अ) दिवा-स्वप्न                        (ब) संचय की प्रवृत्ति
(स) कल्पना की बहुलता            (द) मानसिक विकास     (ब)
·   नवीन शिक्षण प्रणाली का ज्ञान माना जाता है-
(अ) अनुभव पर आधारित
(ब) क्रिया पर आधारित
(स) अनुभव व क्रिया पर आधारित   
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं                               (स)
·    किशोरावस्था का प्रारंभ माना जाता है-
(अ) 15 वर्ष की आयु से   (ब) 13 वर्ष की आयु से
(स) 18 वर्ष की आयु से   (द) 17 वर्ष की आयु से            (ब)
·   बालिकाओं में प्रवृत्ति पायी जाती है- 
(अ) गुडिया संग्रह                  (ब) पत्थर संग्रह 
(स) कांच की गोलियों का संग्रह            (द) टिकट संग्रह         (अ)
·   ''किशोरावस्था अपराध प्रवृत्ति के विकास का नाजुक समय है" कथन है-    
(अ) स्किनर का            (ब) वुडवर्थ का
(स) वेलेन्टाइन का          (द) हरबर्ट का                 (स)
·     किशोरों में द्वंद्व उभरने का मुख्य कारण है-
 (अ) पीढिय़ों का अन्तर
 (ब) अवसरों की प्रतिकूलता
 (स) किशोरावस्था में स्वप्न दर्शन   
 (द) निराशा व निस्सहायता                              (ब)
·   रीना हर समय अपनी साज-सज्जा पेटिका को लिए कांच के सामने खड़ी रहती है उसके जिस अवस्था में होने की संभावना है-  
 (अ) पूर्व बाल्यावस्था        (ब) उत्तर बाल्यावस्था
 (स) उत्तर किशोरावस्था      (द) प्रौढ़ावस्था               (स)
·    बुडवर्थ के अनुसार मानसिक विकास उच्चतम सीमा पर पहुंचता है-  
 (अ) 20 से 22 वर्ष में   (ब) 22 से 25 वर्ष में
 (स) 15 से 20 वर्ष में   (द) 20 से 25 वर्ष में             (स)
·    विकास के संदर्भ में मैक्डुगल ने-    
(अ) व्यक्तित्व का विश्लेषण किया   
(ब) मूल प्रवृत्यात्मक व्यवहार का विश्लेषण किया   
(स) बालक के शारीरिक विकास का विश्लेषण किया
(द) उपर्युक्त सभी।                                     (ब)
·   संवेगात्मक विकास में किस अवस्था में तीव्र परिवर्तन होता है-
(अ) शिशु अवस्था    (ब) युवावस्था
(स) बाल्यावस्था            (द) किशोरावस्था             (द)
·   बुद्धि और विकास है- 
(अ) एक-दूसरे के विरोधी     (ब) एक-दूसरे से समान
(स) एक-दूसरे के पूरक      (द) इनमें से कोई नहीं         (स)
·    किशोरावस्था में शिक्षा का स्वरूप निम्न में से क्या होना चाहिए-   
 (अ) भाषा विकास                 (ब) संवेगात्मक विकास के लिए शिक्षा

(स) रोगों से बचाव की शिक्षा  (द) पालन-पोषण की शिक्षा    (ब)

Child Development and Psychology for CTET & TET Exams in Hindi

CTET 2019 Answer Key Paper - 2 (Class-VI-VIII) Child Development & Pedagogy

CTET 2019 Answer Key Paper - 2 (Class-VI-VIII) Child Development & Pedagogy  ( बाल विकास एवं शिक्षा शास्‍त्र ) 1. विकास में व...